Chapter-10 विदेशी विनिमय दर

विदेशी विनिमय दर

उस दर को कहते है जिस पर किसी देश की करेंसी की एक इकाई के बदले देश की कितनी मुद्रा इकाई मिल सकती है I

S = 60 रु

 

विनिमय दर की प्रणाली

  1. स्थिर विनिमय दर प्रणाली
  2. निम्न विनिमय दर प्रणाली

 

  1. स्थिर विनिमय दर वह दर है जो सरकार के द्वारा निर्धारित की जाती है I

इसके अंतर्गत दो प्रकार काटे है :-

  1. विनिमय दर की स्वर्ण मांग प्रणाली
  2. ब्रिटेन वुड्स प्रणाली

 

  1. विनिमय दर की स्वर्ण मांग प्रणाली :- यह प्रणाली 1920 से पहले प्रचलित थी जिससे विभिन्न देशो में प्रचलित विभिन्न करेंसियो के बिच समता को एक साझी इकाई स्वर्ण को माना जाता था अर्थात करेंसी का मूल्य दूसरी करेंसी में निर्धारित करने के लिए प्रत्येक करेंसी की स्वर्ण मूल्य कु तुलना की जाती थी I

 

1UK  पौंड = 4 ग्राम सोना

1 USA डालर = 2 ग्राम सोना

 

  1. ब्रिटेन वुड्स प्रणाली :- यह विभिन्न दर की स्थिर प्रणाली थी जिसमे कुल हद तक समायोजन किया जा सकता था इस प्रणाली के अनुसार
    1. विभिन्न क्रेंसियो को एक करेंसी अर्थात अमेरिकी डालर के साथ सम्बन्धित कर दिया गया I
    2. अमीकी डालर का निशचित कीमत पर स्वर्ण मूल्य निर्धारित कर दिया गया I
    3. एक करेंसी का अमेरिकी डालर का निहित अर्थ उस करेंसी का स्वर्ण के रूप में मूल्य माना गया
    4. दो करेंसियो के बिच अंतिम इकाई का कार्य करता रहा I
    5. किसी करेंसी के समता मूल्य में समायोजन केवल अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की अनुमित से सम्बन्ध था I

 

नम्य विनिमय दर प्रणाली :- यह वह दर है जो विदेशी मुद्रा बाजार में पूर्ति मांग शक्तियों द्वारा निर्धारित होती है I

 

नम्य विनिमय दर का निर्धारण :- विनिमय दर का निर्धारण मांग और पूर्ति द्वारा होता है कीमत तथा मांग के बिच विपरीत सम्बन्ध होता है I मांग वक्र का ढलान बाएं से दायें निचे की ओर होता है I जबकि पूर्ति वक्र का ढलान बाए से दाए उपर की ओर होता है I

 

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