Chapter-11 भुगतान शेष

भुगतान शेष :- एक देश का भुगतान शेष देश के निवासियों के बीच सभी आर्थिक सौदों का कर्म बद्ध लेखा है I

 

भुगतान शेष की मदे :-

  1. वस्तुओ का आयात तथा निर्यात
  2. सेवाओ का आयात तथा निर्यात
  • पूंजी अंतरण

 

भुगतान शेष के खाते :-

  1. चालू खाता
  2. पूंजी खाता

 

  1. चालू खाता :- वः खाता है जिसमे वस्तुओ का आयात निर्यात तथा सेवाओ का आयात निर्यात एक पक्षीय अंतरण शामिल होते है I

 

चालू खाते की मदे :-

  1. वस्तुओ का आयात तथा निर्यात
  2. सेवाऊ का आयात तथा निर्यात
  3. एक पक्षीय अंतरण

 

पूंजी खाता वह खाता है I जो एक देश के निवासियों तथा शेश्विश्व के निवासियों द्वारा किये गए उन सभी लेन- देनो का रिकार्ड करता है जिनसे परिसम्पत्ति के स्वामित्व में परिवर्तन होता है I

 

पूंजी खाते के घटक

  1. विदेशी निवेश
  2. प्रत्यक्ष विदेशी निवेश :- प्रत्यक्ष विदेशी निवेश से अभिप्राय जब एक कंपनी द्वारा दुसरे देश में निवेश किया जाता है एवं मालिका हक प्राप्त होता है I तो उसे प्रत्यक्ष विदेश कहते है I

 

  1. पोर्टफोलियो निवेश :- जब एक कंपनी द्वारा किसी देश में निवेश किया जाता है और उसमे हिस्सेदार बनता है तो उसे पोर्टफोलियो निवेश कहते है I

 

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