Chapter-12 बाजार

बाजार क्या है ?

बाजार से अभिप्राय उस सयंत्र या अवस्था से है I जिसके द्वारा वस्तुओ और सेवाओ की बिक्री एवं खरीद के लिए करतो और विक्रेताओ के बीच का सम्पर्क सुविधाजनक जाते है I

 

बाजार के रूप…

बाजार में प्रतियोगिता की मात्रा या फर्मो की संख्या (जो किसी विशेष वस्तु की बिक्री में लगे होते है के आधार पर बाजार की निम्न में से किसी भी रूप में व्याख्या की जाती है :-

  1. पूर्ण प्रतियोगिता बाजार
  2. एकाधिकार
  3. एकाधिकार प्रतियोगिता
  4. अल्पाधिकार

 

  • पूर्ण प्रतियोगिता बाजार : वह रूप जिसमे करतो तथा विक्रेताओ की बड़ी संख्या होती है समरूप वस्तुओ को बेचा जाता है था फर्मो का स्वतंत्र प्रवेश व छोड़ना होता है I

 

पूर्ण प्रतियोगिता की विशेषताएं

  • किसी वस्तु के छोटे करतो और विक्रेताओ की बड़ी
  • एक समान या समरूप वस्तु
  • पूर्ण ज्ञान
  • स्वतंत्र प्रवेश व छोड़ना
  • पूर्ण गतिशीलता
  • अतिरिक्त यातायात लागत का आभाव

 

  • एकाधिकार बाजार :- एकाधिकार बाजार की वः अवस्था है जिसमे वस्तु का केवल एक ही विक्रेता होता है तथा उसका पूर्ति पर नियंत्रण होता है I

 

एकाधिकार बाजार की विशेषताएं :-

  1. एकाधिकार में एक विक्रेता तथा उनके क्रेता
  2. निकट प्रतिस्थापन वस्तु का
  3. प्रतिस्थापन में प्रवेश पर प्रतिबंध
  4. कीमत निर्धारक
  5. कीमत विभेद

 

एकाधिकार फर्म के लिए मांग वक्र ही संरोध कैसे बन जाता है?

एकाधिकारी फर्म पुरे बाजार में एक मात्र वस्तु का विक्रेता होता है I तथा पूर्ति पर पूरा नियंत्रण होता है I लेकिन कीमत प्रक्रिया के दुसरे फ्लू मांग पर कोई नियंत्रण नही होता क्योकि मांग उपभोक्ता द्वारा किजाती है I एक फर्म अधिक लाभ कमाने के लिए वस्तु को अधिकतम कीमत पर बेचने का प्रयास करती है परन्तु अधिकतम कीमत पर मांग कम होगी अतः वस्तु की मात्रा बेचने के लिए फर्म को कीमत कम करनी पड़ेगी इस प्रकार फर्म के लिए मांग वक्र ही संरोध बन जाता है I

 

  • एकाधिकार प्रतियोगिता :- यह बाजार का वह रूप है जिसमे किसी वस्तु के भुत से विक्रेता होते है I परन्तु प्रत्येक विक्रेता की वस्तु एक-दुसरे से भिन्न होती है I इसलिए यहाँ पर वस्तु विभेद पाया जाता है I

 

एकाधिकारी प्रतियोगिता की विशेषताएं :-

  1. एकाधिकारी प्रतियोगिता में विक्रेता की अधिक संख्या
  2. वस्तु विभेद
  3. बिक्री लागते
  4. निचे की ओर ढलान वाला मांग
  5. गैर कीमत
  6. स्वतंत्र प्रवेश एवं छोड़ना

 

  • अल्पाधिकार बाजार :- यह बाजार का वह रूप है जिसमे किसी वस्तु की बड़ी फर्मे कर्म संख्या में होती है परन्तु क्रेता अधिक संख्या में होते है I प्रत्येक फर्म बाजार का काफी बड़ा भाग होता है I तथा एक फर्म की कीमत निति दुसरे फर्म पर प्रभाव डालती है I इसलिए इन फर्मो के बीच अतः निर्भरता की उच्च मात्रा पाई जाती है I

 

अल्पाधिकार बाजार की विशेषताएं :-

  1. बड़ी फर्मो की छोटी संख्या
  2. अतः निर्भरता की ऊँची मात्रा
  3. फर्म में मांग वक्र के निर्धारण में कठिनाई
  4. गैर कीमत प्रतियोगिता

 

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