Chapter-9 सम्प्राप्ति आय

सम्प्राप्ति

किसी वस्तु की बिक्री करने से एक फर्म को जो कुल रकम प्राप्त होती हैउसे फर्म की सम्प्राप्ति कहते है I

 

कुल आगम

एक फर्म की कुल मौद्रिक प्राप्तियां जो एक दिए हुए उत्पाद में बेचकर प्राप्त होती है I

 

सीमांत आगत  

सीमांत आगम कुल आगम में होने वाला परिवर्तन है जब किसी वस्तु किअधिक इकाई बेचीं जाती है अर्थात किसी वस्तु की अतिरिक्त इकाई की बिक्री से प्राप्त आगत सीमांत आगत है I

 

औसत आगम

औसत आगम से अभिप्राय है उत्पादन की बिक्री से प्राप्त सम्प्राप्ति से है I

 

कुल आगत तथा सीमांत आगम में सम्बन्ध

  • जब TR स्थित दर पर बढ़ता है जो मर स्थित होना चाहिए I
  • जब TR घटती दर पर बढ़ता है तो MR कम होना चाहिए I

 

सीमांत आगम और औसत आगम में सम्बन्ध

  • जब AR घट रहा हो तो MR को AR की तुलना मेअधिक तेजी से कम होना चाहिए अर्थात निचे की और ढलना MR वक्र निचे की ओर ढलाव AR वक्र के निचे होता है I
  • यदि AR स्थिर रहता है तो MR AR के समान होता है दोनों ही क्षेतिज रेखा द्वारा दिखाई जाती है I

 

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